ता लगभग समाप्ति पर है, आज जब तुम्हारे राष्ट्रों में यौन वर्जनाओं का पुरातन पुरुष सत्तात्मक आधार प्राय: समाप्ति की ओर है, तब मेरे भारत में – सम्पूर्ण देश में, उसकी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में, उसकी सड़कों पर चलती हुई बसों में नारी के केवल शरीर को ही नहीं अपितु उसकी आत्मा तक को बुरी तरह रौदा जा रहा है। हम भारत वासियों ने सांस्कृतिक पतन और सामाजिक अधोगति और आर्थिक असमानता के कीर्तिमान स्थापित कर लिए हैं। हमारे यहाँ दुनिया के टॉप 100 में से 10 मिलियेनर्स हैं, हमारे यहाँ दुनिया की 50 ताकतवर महिलाओं में से 20 भारतीय हैं। हमारे यहाँ दुनिया के सबसे ज्यादा स्विस बैंक खाता धारक हैं, हमारे यहाँ वर्षों तक महिला प्रधान मंत्री रही, हमारे यहाँ महिला राष्ट्रपति रही, हमारे यहाँ- सत्ताधारी गठबंधन की सर्वोसवा महिला, विपक्ष की महिला नेत्री, महिला लोकसभा अध्यक्ष, महिला सांसद, महिला विश्व सुन्दरी, महिला उद्द्य्मी, महिला राज्यपाल, महिला मुख्यमंत्री, महिला विदेश सचिव, महिला राजदूत, महिला इंजीनियर, महिला डॉक्टर, महिला प्रोफ़ेसर से लेकर महिला क्लर्क, महिला नर्स, महिला दाई सब कुछ है, हमारे स्वाधीनता संगाम में नारी शक्ति की आहुति और अतीत में भी अनेक कुर्बानियाँ नारियों के नाम लिखी गईं हैं। फिर भी हे दुनिया के भाइयो! बहिनों! हम भारतीय आज इस धरती पर सबसे ज्यादा नारी उत्पीड़न के लिए कुख्यात हो चुके हैं, हमारे खाप पंचायत वाले, हमारे रिश्वतखोर, हमारे सत्ता के दलाल, हमारे भ्रष्ट हुक्मरान हमारे वोट अर्जन राजनैतिक दल, नारी को आज भी केवल और केवल भोग्या समझते हैं, हे विश्व के महामानवो! मैं 15
ARCHIVE लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
ARCHIVE लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
लगभग समाप्ति
Posted by हिमशिक्षा
Posted on मंगलवार, मई 06, 2014
with No comments
Labels:
ARCHIVE,
feature,
NAIONAL CADET CORPS
आपका स्वागत है। आपके सुझाव और मार्गदर्शन हमें प्रोत्साहित करेंगे।
Posted by राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बड़ागाँव शिमला
Posted on शनिवार, मई 03, 2008
with No comments



.png)
